निर्माण

लगभग 3 एकड़ की भूमि में श्री दिगम्बर जैन कुन्द कुन्द कहान आत्मार्थी ट्रस्ट (‘अध्यात्मतीर्थ’ आत्म साधना केन्द्र) का निर्माण किया गया है जिसके अन्तर्गत निम्न जिनमन्दिरों एवं भवनों का निर्माण किया गया है।

  • भगवान श्री महावीर स्वामी दिगम्बर जिनमन्दिर।
  • श्री रत्नत्रय जिनमन्दिर।
  • विदेह क्षेत्रस्थ विद्यमान सीमंधर समवशरण एवं बीस तीर्थंकर जिनमन्दिर।
  • श्री कुन्द कुन्द कहान स्वाध्याय भवन।
  • श्री धरसेनाचार्य सरस्वती भवन।
  • श्री रत्नत्रय निलय।
  • आत्मार्थी भोजनालय
  • कार्यालय
  • आयुर्वेदिक औषधालय

सम्यग्दर्शन निलय :—

त्यागी, व्रती, संयमी एवं विद्वानों के आवास हेतु इस निलय में 11 कक्षों का निर्माण किया गया है। सम्यग्ज्ञान एवं सम्यग्चारित्र निलय वर्तमान में सम्यग्ज्ञान निलय के 11 कक्षों व सम्यग्चारित्र निलय के 7 विशाल हॉलों एवं 6 बड़े कक्षों में आत्मार्थी कन्या विद्या निकेतन का संचालन किया जा रहा है।

7 आत्मार्थी आयुर्वेदिक औषधालय :—

आत्मार्थी आयुर्वेदिक औषधालय 1 हॉल व 6 कक्षों में संचालित है, जिसमें प्रतिदिन गांव के अनेक रोगी शुद्ध आयुर्वेदिक दवाओं, एक्यूप्रेशर एवं प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते हैं। औषधालय में प्रतिवर्ष प्राकृतिक चिकित्सा शिविर, निःशुल्क नेत्र शिविर एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है।